उत्तराखण्ड | सोर समाचार
उत्तराखंड के सरकारी इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य के 1180 रिक्त पदों पर भर्ती को लेकर स्थिति अब स्पष्ट हो गई है।
कैबिनेट के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय समिति ने तय किया है कि नियमित सेवा पूरी कर चुके हाईस्कूल प्रधानाध्यापक, 10 साल की सेवा दे चुके प्रवक्ता और एलटी कैडर में 15 साल की सेवा देने वाले शिक्षक पद के लिए पात्र माने जाएंगे।
वित्त विभाग द्वारा एलटी कैडर शिक्षकों को निचले ग्रेड पे का कार्मिक मानने पर आपत्ति जताई गई थी। शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने इस पर स्पष्ट किया कि संबंधित नियमावली में संशोधन को सहमति मिल चुकी है और इसे अब कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा।
गौरतलब है कि शिक्षकों के विरोध के चलते सरकार ने 29 सितंबर 2024 को प्रस्तावित चयन परीक्षा रद्द कर दी थी। वर्तमान में प्रदेश के 1385 सरकारी इंटर कॉलेजों में से 1180 कॉलेजों में प्रधानाचार्य के पद रिक्त हैं।

