सोर समाचार | पिथौरागढ़
वर्ष 2025 में जनपद की 252 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। हालांकि जिलाधिकारी ने अपेक्षित लक्ष्य की तुलना में उपलब्धि को संतोषजनक न मानते हुए खेद प्रकट किया और आगामी वर्ष में शत-प्रतिशत पंचायतों को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जनपद की उपचारित दर 90 प्रतिशत है, लेकिन इस पर भी उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि सभी टीबी मरीजों का पूर्ण एवं समयबद्ध उपचार सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी रोगी उपचार से वंचित न रहे।
टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत वर्ष 2025 में जनपद को 500 रोगियों की पहचान का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसके सापेक्ष 507 मरीजों की पहचान कर उनका निःशुल्क उपचार किया जा रहा है।
इसी क्रम में 20 फरवरी 2026 से जनपद में द्वि-दिवसीय सक्रिय क्षय रोगी खोजी अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। अभियान के तहत घर-घर सर्वे कर संभावित मरीजों की पहचान की जाएगी तथा पुष्टि होने पर उनका निःशुल्क उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रशासन ने जनसहयोग की अपील करते हुए कहा है कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराएं और उपचार पूरा करें, ताकि जनपद को पूर्ण रूप से टीबी मुक्त बनाया जा सके।

