पंचायत चुनाव | सोर समाचार
उत्तराखंड पंचायत चुनाव को लेकर नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश ने राज्य निर्वाचन आयोग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दरअसल, कुछ वोटर और प्रत्याशियों के नाम निकाय और पंचायत दोनों वोटर लिस्ट में शामिल हैं — जो नियमों का उल्लंघन है।
हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि कोई भी व्यक्ति दो जगह से न तो वोट कर सकता है और न ही चुनाव लड़ सकता है, लेकिन आयोग अब चुनाव की प्रक्रिया बीच में रोककर इस आदेश का पालन कैसे करे, यही सबसे बड़ा सवाल है।
नामांकन, नाम वापसी और चुनाव चिह्न आवंटन की तारीख निकल चुकी है, और अब ऐसे वोटर और प्रत्याशियों की पहचान करना मुश्किल होता जा रहा है। 12 जुलाई को आयोग की बैठक भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उम्मीद है 13 जुलाई को फिर बैठक होगी।
इस बीच आयोग के सचिव राहुल कुमार गोयल ने कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश का विधिक परीक्षण किया जा रहा है, और उसके बाद ही अगली कार्रवाई तय की जाएगी।

