पिथौरागढ़ | सोर समाचार
भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत पिथौरागढ़ जनपद को शीतजल मत्स्य विकास क्लस्टर के रूप में देशभर में अग्रणी जनपद के रूप में चुना गया है।
दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में क्लस्टर आधारित ट्राउट मत्स्य पालन मॉडल की सफलता ने यह उपलब्धि संभव बनाई। मत्स्य विभाग द्वारा किसानों को संगठित कर संसाधन, प्रशिक्षण व विपणन सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं, जिससे उत्पादन लागत घटी और आय में वृद्धि हुई।
डॉ. रमेश सिंह चलाल ने बताया कि 2020-21 से 2024-25 तक की 5 वर्षीय परियोजना के तहत मुनस्यारी व धारचूला क्षेत्रों में सहकारी समितियों के माध्यम से ट्राउट पालन को बढ़ावा दिया गया। उन्होंने मत्स्य पालकों की मेहनत और विश्वास को इस सफलता का आधार बताया और सभी को राष्ट्रीय मत्स्य पालक दिवस (10 जुलाई) की शुभकामनाएं दीं। हालांकि, पंचायत चुनावों के कारण इस बार कोई औपचारिक कार्यक्रम नहीं हो सका।
कैबिनेट मंत्री सौरव बहुगुणा ने सोशल मीडिया के माध्यम से पिथौरागढ़, चमोली और बागेश्वर को शीतजल मत्स्य विकास क्लस्टर में चुने जाने पर हर्ष जताते हुए इसे स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह को धन्यवाद दिया।

