पिथौरागढ़ | सोर समाचार
उत्तराखण्ड पुलिस ने एक बार फिर मानवता की ऐसी मिसाल पेश की, जो लंबे समय तक याद रखी जाएगी। जिले में रहने वाले असहाय व्यक्ति ऋषिपाल प्रजापति पुत्र लल्लू सिंह प्रजापति निवासी शेरकोट, बिजनौर (उत्तर प्रदेश) का बीमारी से निधन हो गया। वे पिछले कई वर्षों से बागेश्वर में रहकर घोड़े की नाल बनाने और छोटी-मोटी कारीगरी से अपना जीवनयापन कर रहे थे।
परिवार की स्थिति बेहद दयनीय थी। उनकी पत्नी और दो पुत्र पहले ही असमय मृत्यु को प्राप्त हो चुके थे। घर पर केवल एक 80 वर्षीय बड़ा भाई और एक छोटा भतीजा शेष हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति और वृद्धावस्था उन्हें बागेश्वर आने से रोक रही थी।
मृत्यु की सूचना पर जब परिजनों ने अंतिम संस्कार के लिए पुलिस से सहायता की गुहार लगाई, तो प्रभारी निरीक्षक कोतवाली बागेश्वर श्री कैलाश सिंह नेगी के नेतृत्व में पुलिस ने मानवता धर्म निभाते हुए पहल की। विधिवत पंचायतनामा और पोस्टमार्टम के बाद पुलिस टीम ने बागेश्वर के सरयू घाट पर पूर्ण हिंदू रीति-रिवाज के साथ दिवंगत ऋषिपाल का अंतिम संस्कार किया।
इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी पुलिस के इस कदम को देखकर भावुकता व्यक्त की और बागेश्वर पुलिस की खुले दिल से सराहना की। लोगों ने कहा कि पुलिस का यह कार्य “वर्दी की सख्ती” से इतर “मानवता और संवेदनशीलता” का प्रतीक है।
यह घटना सिर्फ एक अंतिम संस्कार नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश है कि पुलिस सिर्फ कानून-व्यवस्था की रखवाली ही नहीं करती, बल्कि जरूरत पड़ने पर सबसे बड़ा सहारा भी बनती है।

