पिथौरागढ़ | सोर समाचार
मुनस्यारी की वादियों से एक नई उम्मीद की हवा चली है, और इस बार नाम है – ईशा। उम्र सिर्फ 22 साल, लेकिन जज़्बा ऐसा कि पूरे क्विरिजिमिया गांव ने उन्हें सर आंखों पर बैठा लिया। जी हां, पिथौरागढ़ जिले के इस छोटे से गांव की ईशा अब सबसे कम उम्र की ग्राम प्रधान बन गई हैं।
पंचायत चुनाव 2025 में ईशा की जीत ने यह साबित कर दिया है कि युवा अब सिर्फ सोशल मीडिया पर ही नहीं, गांव की ज़मीन पर भी बदलाव लिख रहे हैं। न कोई राजनीतिक खानदानी पहचान, न कोई भारीभरकम प्रचार – बस युवा सोच, विकास का वादा और जनता का भरोसा।
ईशा की जीत पर पूरे इलाके में खुशी की लहर है। लोग इसे मुनस्यारी के लिए एक नई शुरुआत मान रहे हैं, जहां पहाड़ की बेटियां अब नेतृत्व की जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रही हैं।

