पिथौरागढ़ | सोर समाचार
पिथौरागढ़ के रीठा रैतोली गांव में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर असंतोष की आवाज़ बुलंद हुई है।
रा.उ.मा. विद्यालय रीठा रैतोली को क्लस्टर विद्यालय बनाने तथा अन्य विद्यालय में समायोजित करने की योजना पर अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने तीव्र विरोध जताया है।
लोगों का कहना है कि इस फैसले से न सिर्फ विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होगी, बल्कि भौगोलिक परिस्थितियों और जंगली जानवरों के खतरे को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा भी संकट में पड़ जाएगी। कई परिवार ऐसे हैं जो अपने बच्चों को दूरस्थ विद्यालयों में भेजने में असमर्थ हैं।
इस मुद्दे पर एक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें पूर्व प्रधान प्रमोद चन्द्र धारियाल, पूरन रावत, ज्योति भंडारी, पुष्पा कार्की, राजेश्वरी और समस्त अध्यापकगण उपस्थित रहे।
सभी ने एकमत होकर चेतावनी दी कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो जन आंदोलन किया जाएगा।
अब निगाहें प्रशासन के अगले क़दम पर हैं।

