पिथौरागढ़ | सोर समाचार
यक्षवती नदी को उसके मूल स्वरूप में लौटाने की पहल आज ऐतिहासिक बन गई। पहाड़ी वोकल्स यूथ क्लब और अभिलाषा समिति के संयुक्त तत्वावधान में “यक्षवती नदी संरक्षण एवं संवर्धन यात्रा 2025” का आयोजन किया गया।
सिलपाटा से रई गाड़ तक निकाली गई जागरूकता यात्रा में समाजसेवी, शिक्षक, युवा और पर्यावरण प्रेमी जुड़े। यात्रा में नेहरू युवा केंद्र, लेखक महेश पुनेठा, पत्रकार हिमांशु जोशी, हरेला सोसाइटी के मनोज मतवाल सहित अनेक लोग शामिल हुए।
इस दौरान यक्षवती पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया और नेडा स्थित मा कृपा बारातघर में गोष्ठी आयोजित की गई।
गोष्ठी में पूर्व लेफ्टिनेंट यशपाल चंद, किसान भूषण सम्मानित सूबेदार केशवदत्त, पं. हेमंत महराज, लोकपाल जगदीश कलौनी, विनीता कलौनी, चंद्रशेखर पुनेड़ा, और इको टास्क फोर्स प्रतिनिधि मौजूद रहे।
यक्षवती नदी, केवल जलधारा नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक आत्मा है। अब समय है अतिक्रमण और प्रदूषण से जूझती इस नदी को पुनर्जीवन देने का।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नदी संरक्षण का संकल्प लिया और इसे जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

