पिथौरागढ़ | सोर समाचार
लोक विरासत जनजातीय एवं लोक कला समिति द्वारा 16 अक्टूबर 2025 को पितरौटा स्थित कार्यालय में कुमाऊं की पारंपरिक कला को जीवंत करने के उद्देश्य से एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय था — ईख द्वारा लक्ष्मी प्रतिमा निर्माण, जो कुमाऊं की प्राचीन दीवाली परंपराओं में से एक है और अब विलुप्ति के कगार पर है। इस अवसर पर लगभग 50 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संस्था के संस्थापक पीयूष धामी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी मिट्टी, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है ताकि वे अपनी पहचान और जड़ों को समझ सकें। उन्होंने कहा कि लोक कला केवल उत्सवों तक सीमित नहीं, बल्कि हमारी आस्था और जीवनशैली का प्रतीक है। कार्यशाला में प्रियांशु राज, स्मृति भट्ट और पीयूष धामी द्वारा बच्चों को दिवाली से संबंधित लोक गीतों, लोक कथाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर प्रशिक्षण दिया गया। बच्चों ने सीखते हुए उत्साह और गर्व दोनों का अनुभव किया। संस्था का यह प्रयास स्थानीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय कदम साबित हुआ।

