सोर समाचार | उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम के अचानक ठप पड़ने से हजारों छात्रों और सैकड़ों प्रशिक्षकों का भविष्य अनिश्चितता में घिर गया है। 31 मार्च 2026 से बिना किसी पूर्व सूचना के इस कार्यक्रम को रोक दिए जाने के बाद प्रदेशभर में करीब 35 हजार छात्र-छात्राएं और 300 से अधिक प्रशिक्षक सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं।
यह कार्यक्रम पिछले पांच वर्षों से नई शिक्षा नीति के तहत संचालित हो रहा था, जिसके जरिए छात्रों को कौशल विकास और रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जा रहा था। हाल ही में सरकार द्वारा इसे 744 विद्यालयों में विस्तार देने की घोषणा भी की गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके उलट स्थिति देखने को मिल रही है, जहां कार्यक्रम पूरी तरह ठप नजर आ रहा है।
अप्रैल माह के दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं और न ही कार्यक्रम को दोबारा शुरू करने को लेकर कोई ठोस पहल दिखाई दी है। इससे छात्रों और प्रशिक्षकों के बीच चिंता और असमंजस का माहौल बना हुआ है।
प्रशिक्षकों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द इस योजना की स्थिति स्पष्ट की जाए, इसे पुनः शुरू किया जाए और उनकी सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके और शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बना रहे।

