पिथौरागढ़ | सोर समाचार
पूर्व सैनिक संगठन पिथौरागढ़ द्वारा 130 प्रादेशिक सेना पर्यावरण बटालियन के विस्थापन के विरोध में चलाया जा रहा क्रमिक धरना-प्रदर्शन तीसरे दिन भी लगातार जारी रहा। प्रतिकूल मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, मातृशक्ति और स्थानीय नागरिक धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया।
धरने में उपस्थित पूर्व सैनिकों ने स्पष्ट कहा कि जब तक विस्थापन आदेश वापस नहीं लिया जाता, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। संगठन ने आंदोलन को नगर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने की रणनीति तैयार की है, ताकि इस मुद्दे को जन-जन तक पहुँचाया जा सके।
पूर्व सैनिकों ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि सीमांत जनपद के इस गंभीर विषय पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी निराशाजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विस्थापन नहीं रोका गया तो आगामी चुनावों में इसका राजनीतिक जवाब दिया जाएगा।
धरने के समर्थन में 1971 युद्ध के वीर योद्धा सूबेदार मेजर गिरधर सिंह खनका एवं सूबेदार मेजर शंकर सिंह सहित कई वरिष्ठ पूर्व सैनिकों, सामाजिक संगठनों और मातृशक्ति ने सहभागिता की।
पूर्व सैनिक संगठन ने दोहराया कि यह आंदोलन केवल एक बटालियन का नहीं, बल्कि जनपद के पर्यावरण, रोजगार, सीमांत सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा विषय है, जिसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा।

