पिथौरागढ़ | सोर समाचार
जनपद मुख्यालय के निकट बिण गांव में प्रसिद्ध दो दिवसीय चैतोल पर्व का शुभारंभ चतुर्दशी के दिन देवलसमेत बाबा के छत्र की प्रतिष्ठा के साथ हुआ। इस दौरान भटयुडा के देव ओखली में छत्र का निर्माण किया गया, जिसमें 22 गांवों के आराध्य देव देवलसमेत बाबा के प्रतीक के रूप में जनेऊ स्थापित किया गया।
छत्र निर्माण के बाद पहली देवखली बिण के कोट स्थल पर लगाई गई, जिसके पश्चात देव आज्ञा लेकर छत्र को 22 गांवों की पूजा के लिए प्रस्थान कराया गया। मान्यता है कि इस दिन बाबा देवलसमेत सौर घाटी के 22 गांवों में जाकर अपनी भगवती स्वरूप बहनों को भेटोली देते हैं।
सदियों पुरानी इस परंपरा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा कर भाग लेते हैं। चैतोल पर्व का यह छत्र लोगों के लिए गहरी आस्था और विश्वास का प्रतीक माना जाता है।

