पिथौरागढ़ | सोर समाचार
पिथौरागढ़ जनपद स्थित गुरना गांव में पंचायत चुनावों की हलचल के बीच एक सधी हुई शांति देखने को मिली — और वह थी निर्विरोध निर्वाचन की। जी हां, गुरना गांव की निवर्तमान ग्राम प्रधान श्रीमती उषा तिवारी को ग्रामीणों ने एक बार फिर बिना किसी विरोध के ग्राम प्रधान चुन लिया है।
यह सिर्फ एक पद की नहीं, बल्कि जनविश्वास की जीत है। चुनावी शोरगुल के बीच जब पूरा प्रदेश घोषणाओं और वादों की गूंज से भरा है, गुरना ने चुपचाप एक संदेश दे दिया — अगर नेतृत्व अच्छा हो, तो जनता को किसी नए चेहरे की तलाश नहीं होती।
उषा तिवारी के पिछले कार्यकाल में विकास कार्यों और पारदर्शिता को लेकर जो भरोसा बना, उसी की बदौलत उन्हें दोबारा यह ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।
गांव में अब उम्मीदें और ज़िम्मेदारियाँ दोनों पहले से ज़्यादा हैं, और जनता की यह चुपचाप दी गई जीत, असल में लोकतंत्र की सबसे मजबूत आवाज़ है।

